History of Jhalawar In Hindi

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 History Of Jhalawar In Hindi

History of Jhalawar In Hindi

History of Jhalawar In Hindi

नाम                                      झालावार
राज्य                                     राजस्थान
क्षेत्र                                       6928 किमी²
आरटीओ कोड                     आरजे 17
साक्षरता दर                          62.13%
अक्षांश और देशांतर             24.5 9 73 डिग्री , 76.1610 डिग्री
पिन कोड                              326001
उपखंडों की संख्या               7
तहसील की संख्या               9
गांवों की संख्या                   1609
एयर पोर्ट                            राजा भोज हवाई अड्ड
नदी                                    पार्वती
 राष्ट्रीय राजमार्ग                  12

 

झालावाड़ जिले में  तहसील

 

History Of Jhalawar In Hindi

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झालावाड़ जिले में 7 तहसीलें है – 1. अकलेरा 2. गंगधार 3. झालरापाटन 4. खानपुर 5. मनोहर थाना 6. पचपहाड़ और 7. पिरवा  है

 

झालावाड़ जिले में विधान सभा की सीटें

झालावाड़ जिले में 3 विधान सभा क्षेत्र है इन विधानसभा सीटों के नाम 1. झालरापाटन 2. खानपुर 3. मनोहर थाना

झालावाड का इतिहास

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झालावाड राजस्थान राज्य में स्थित झालावाड़ जिला का मुख्यालय है। यह झालावाड के हाडौती क्षेत्र का हिस्सा है। झालावाड के अलावा कोटा, बारां एवं बूंदी हाडौती क्षेत्र में आते हैं। राजस्थान के झालावाड़ ने यात्री की वजह से अपनी एक अलग पहचान बनाई है। राजस्थान की कला और संस्कृति को संजोए यह शहर अपने खूबसूरत सरोवरों, किला और मंदिरों के लिए जाना जाता है। झालावाड़ की नदियां और सरोवर इस क्षेत्र की दृश्यावली को भव्यता प्रदान करते हैं। यहां अनेक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल भी हैं

झालावाड जिला, राजस्थान के 33 जिलों में से एक है और ये कोटा मण्डल में आता है, झालावाड जिले का मुख्यालय झालावाड नगर में ही है, इस जिले का नाम झाला राजपूतो के कारन पड़ा था और ये 1947 में कोटा जिले से कुछ तहसीलों को निकल कर बनाया गया था।झालावाड जिले का क्षेत्रफल6927वर्ग किलोमीटर है, झालावाड की साक्षरता 62% है, महिला पुरुष अनुपात 945महिलाये प्रति 1000 पुरुष है झालावाड भारत के पश्चिमी राज्य राजस्थान के दक्षिणी भाग में है, झालावाड के अक्षांस और देशांतर 24 डिग्री 59 मिनट उत्तर से 76 डिग्री 16 मिनट, झालावाड की समुद्र तल से ऊंचाई 312 मीटर है, जयपुर से झालावाड 336 किलोमीटर दक्षिण में है, दिल्ली से झालावाड 602 किलोमीटर दक्षिण में है। झालावाड के उत्तर में कोटा जिला है, पूर्वोत्तर में बारन जिला है, पूर्व से पश्चिम तक झालावाड मध्य प्रदेश के जिलों से घिरा हुआ है और मध्य प्रदेश के इन जिलों के नाम पूर्व से पश्चिम की ओर है गुना, राजगढ़, शाजापुर, रतलाम और मंदसौर जिले।

गागरोन-

राजस्थान के झालावाड़ जिले में यह किला चारों ओर से पानी से घिरा हुआ है। यही नहीं यह भारत का एकमात्र ऐसा किला है जिसकी नींव नहीं है।गागरोन का किला अपने गौरवमयी इतिहास के कारण भी जाना जाता है। सैकड़ों साल पहले जब यहां के शासक अचलदास खींची मालवा के शासक होशंग शाह से हार गए थे तो यहां की राजपूत महिलाओं ने खुद को दुश्मनों से बचाने के लिए जौहर (जिंदा जला दिया) कर दिया था। सैकड़ों की तादाद में महिलाओं ने मौत को गले लगा लिया था। इस शानदार धरोहर को यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में भी शामिल किया है। गागरोन किले का निर्माण कार्य डोड राजा बीजलदेव ने बारहवीं सदी में करवाया था और 300 साल तक यहां खीची राजा रहे। यहां  2 जोहर (जिसमें महिलाओं ने अपने को मौत के गले लगा लिया) हुए हैं। यह उत्तरी भारत का एकमात्र ऐसा किला है जो चारों ओर से पानी से घिरा हुआ है इस कारण इसे जलदुर्ग के नाम से भी पुकारा जाता है। यह एकमात्र ऐसा किला है जिसके तीन परकोटे हैं। सामान्यतया सभी किलो के दो ही परकोटे हैं। इसके अलावा यह भारत का एकमात्र ऐसा किला है जिसे बगैर नींव के तैयार किया गया है।

History Of Jhalawar

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Source – RBSE, Wikipedia, Rajasthan Health And govt. Dept.